अर्जुन मेहताVIEW PROFILE →
भारत का अपना दिमाग: कैसे सर्वम एआई गढ़ रहा है देश का संप्रभु फाउंडेशन मॉडल
67 आवेदकों में से चुने जाने से लेकर ट्रिलियन-पैरामीटर मॉडल के रोडमैप तक,सर्वम एआई भारत के अपने संप्रभु बड़े भाषा मॉडल की कहानी लिख रहा है। सर्वम-30बी और 105बी से लेकर एपोक 2026 तक, जानिए कैसे देश विदेशी मॉडलों पर निर्भरता कम कर अपनी एआई नींव खुद बना रहा है।
आज जब पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगी है, तब भारत भी इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में केवल एक उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि एक निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा और साहसिक कदम है सर्वम एआई, जो देश का अपना संप्रभु और स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल तैयार करने के मिशन का नेतृत्व कर रहा है।
67 में से चुना गया एक
सर्वम एआई की यह यात्रा किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि एक कठोर चयन प्रक्रिया के बाद मिली जिम्मेदारी है, जो इसके महत्व को और बढ़ा देती है। भारत सरकार ने अप्रैल 2025 में देश का संप्रभु बड़ा भाषा मॉडल यानी एलएलएम बनाने के लिए कुल 67 आवेदकों में से सर्वम एआई का चयन किया, जो अपने आप में इस स्टार्टअप की क्षमता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
इस चयन के बाद कंपनी ने तेजी से अपने लक्ष्य की ओर काम करना शुरू किया और जल्द ही ठोस परिणाम भी सामने आने लगे, जिसने सबका ध्यान खींचा। फरवरी 2026 में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के भव्य मंच पर कंपनी ने अपने दो प्रमुख फाउंडेशन मॉडल, सर्वम-30बी और सर्वम-105बी, को गर्व के साथ दुनिया के सामने पेश किया।

तकनीक की गहराई में
इन दोनों मॉडलों की सबसे खास बात यह है कि इन्हें पूरी तरह से इंडियाएआई मिशन के तहत उपलब्ध कराए गए कंप्यूटिंग संसाधनों पर ही प्रशिक्षित किया गया है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी छलांग है। फरवरी 2026 में ही कंपनी ने इन दोनों मॉडलों को ओपन-सोर्स भी कर दिया, ताकि देश भर के डेवलपर्स और शोधकर्ता इनका स्वतंत्र रूप से उपयोग और विकास कर सकें।
इनमें से सर्वम-30बी एक 32 अरब पैरामीटर वाला मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स यानी एमओई मॉडल है, जिसमें प्रति टोकन लगभग 2.4 अरब सक्रिय पैरामीटर काम करते हैं और इसकी संदर्भ सीमा 65 हजार टोकन की है। यह विशेष वास्तुकला मॉडल को अधिक कुशल और तेज बनाती है, जिससे कम संसाधनों में भी बेहतर प्रदर्शन संभव हो पाता है।
वहीं दूसरा मॉडल, सर्वम-105बी, कहीं अधिक शक्तिशाली है और इसे जटिल कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो बहु-चरणीय तर्क की मांग करते हैं। यह 106 अरब पैरामीटर वाला एमओई मॉडल है, जिसमें प्रति टोकन लगभग 10 अरब सक्रिय पैरामीटर होते हैं और इसकी संदर्भ सीमा तो और भी विशाल, यानी पूरे 128 हजार टोकन तक फैली हुई है।
एपोक 2026 की छलांग
अपनी सफलता की गति को बनाए रखते हुए, सर्वम एआई ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा एक बड़े मंच पर किया, जिसने इसकी महत्वाकांक्षाओं को और स्पष्ट कर दिया। 30 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में आयोजित एपोक 2026 डेवलपर सम्मेलन में कंपनी ने एक साथ बारह नए उत्पादों और प्लेटफॉर्म की घोषणा की, जिसने तकनीकी जगत में हलचल मचा दी।
इसी सम्मेलन में कंपनी ने अपनी सबसे महत्वाकांक्षी योजना, यानी एक ट्रिलियन-पैरामीटर वाले मॉडल के रोडमैप का भी अनावरण किया, जो इसकी दूरदर्शिता को दर्शाता है। सर्वम एआई का लक्ष्य अब केवल एक मॉडल निर्माता बनना नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण फुल-स्टैक एआई प्लेटफॉर्म बनना चाहता है, जो बुनियादी ढांचे से लेकर एंटरप्राइज एजेंट और डेवलपर टूल्स तक हर चीज़ को समेटे।
आत्मनिर्भरता की नींव
सर्वम एआई की यह पूरी यात्रा भारत के लिए केवल एक तकनीकी उपलब्धि से कहीं बढ़कर एक रणनीतिक आवश्यकता का प्रतीक है, जिसका महत्व दूरगामी है। अपना खुद का संप्रभु फाउंडेशन मॉडल होने का अर्थ है कि देश को अपनी महत्वपूर्ण डिजिटल आवश्यकताओं के लिए विदेशी कंपनियों के मॉडलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे डेटा सुरक्षा और नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
अंततः, सर्वम एआई की कहानी इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि भारत में विश्व स्तरीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता का निर्माण करने की क्षमता और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। यह पहल न केवल देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को समझने वाले मॉडल बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर एक मजबूत और स्वतंत्र शक्ति के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगी।






